दुसरो का अच्छा करोगे तो तुम्हारे साथ भी अच्छा ही होगा – Moral Story in Hindi

दोपहर का वक़्त था, बारिश का मौसम बन रहा था और सड़क किनारे एक बूढी औरत उदास खड़ी थी. उस बूढी औरत की कार ख़राब हो गयी थी और बारिश की वजह से कोई उसकी मदद नहीं कर रहा था. तभी वहां से एक आदमी गुज़र रहा था जो देखने में थोड़ा गरीब लग रहा था. उस व्यक्ति ने बूढी औरत को देखा और उससे पुछा “क्या हुआ माता जी?? आप ठीक तो है?”

पहले तो वो बूढी औरत उस व्यक्ति को देख कर थोड़ा घबरा गयी, वो डर रही थी कि कही सुनसान सड़क पर वो आदमी उसे लूट ना ले. उस व्यक्ति ने बूढी औरत की घबराहट तुरंत समझ ली और फिर कहा ” घबराईये मत माता जी…मैं पास के गेराज में काम करता हूँ, मेरा नाम मनोज है. अगर आपको कोई मदद चाहिए तो मुझे बता सकती है”  

फिर बूढी औरत ने कहा “मेरी गाडी ख़राब हो गयी है, बारिश भी होने वाली है, मेरी तबियत ख़राब हो जायेगी, क्या आप मेरी गाडी ठीक कर सकते हो?”

मनोज जो मैकेनिक था, उसने कहा “जी ज़रूर, आप पेड़ के नीचे खड़े रहिये, मैं देखता हूँ क्या दिक्कत है गाडी में” 

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मनोज ने 10 मिनट का समय लिया और गाडी ठीक कर दी, आखिर मैकेनिक जो था. उसने बूढी औरत के पास जा कर कहा “माता जी… आपकी गाडी ठीक हो गयी है, आप जा सकती है”

उस बूढी औरत ने मनोज से कहा “तुम्हारे पैसे कितने हुए बेटा?”

मनोज ने कहा “माँ जी, ये तो मैंने सिर्फ आपकी मदद करने के भाव से किया था लेकिन फिर भी अगर आप कुछ करना चाहती है तो एक काम कर देना. जब भी कोई ज़रूरतमंद मिले, उसकी मदद कर देना और मुझे याद कर लेना, अच्छा माँ जी चलता हूँ”

इतना कह कर मनोज अपने रस्ते को चल दिया और वो बूढी औरत भी. कुछ दूर जाते ही बूढी औरत एक रेस्टोरेंट के पास रुकी, उसे भूख लगी थी और उसने सोचा कि कुछ खा लू.

वो बूढी औरत रेस्टोरेंट में बैठी थी कि तभी उसका आर्डर लेने एक महिला वेटर आई जो कि करीबन 7 से 8 महीना प्रेग्नेंट थी लेकिन फिर भी चेहरे पर बिना किसी शिकंज के वो बूढी औरत का आर्डर लेने के लिए खड़ी थी.

उस बूढी औरत ने खाना खाया और Rs 5000 की टिप उस वेटर लड़की को दी और उसे कहा “बेटी…जब भी हो सके तो तुम किसी ज़रूरतमंद की मदद कर देना। उस प्रेग्नेंट औरत को पता चला कि वो बूढी औरत शहर में सबसे अमीर है और अकेली रहती है. वो प्रेग्नेंट औरत 5000 रुपये की टिप पा कर बहुत खुश थी.

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शाम को वो प्रेग्नेंट औरत घर गयी, अपने पति को गले लगते हुए बोली मनोज, अब हमें हॉस्पिटल के बिल की चिंता करने की ज़रूरत नहीं. एक भली औरत ने आज मुझे 5000 रुपये की टिप दी. अब हम डिलीवरी अच्छे से करवा सकते है. ये सुन कर मनोज बहुत खुश हुआ लेकिन उसे ये एहसास नहीं हुआ कि जिस बूढी औरत की उसने मदद की थी, उसी महिला ने मनोज की बीवी को टिप दी.

कहानी का मोरल: दुसरो का अच्छा करोगे तो आपका भी अच्छा ही होगा. हमेशा दुसरो की मदद करे, अच्छे कर्म करे, आपको इसका अच्छा फल ही मिलेगा !

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