Category: Short Stories

Very Good Story in Hindi 0

माँ की ममता तो पिता का क्या ??…….Very Good Story in Hindi

ऐसा अक्सर हम अपने घर में देखते है. बच्चे का लगाव और प्यार ज़्यादातर माँ के प्रति होता है. पिता अपने काम काज और परिवार की ज़रूरतों को पूरा करने में लगा होता है और इसीलिए वो अपने बच्चो को ज़्यादा वक़्त नहीं दे पाता लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो अपने परिवार से प्यार नहीं करता.

childhood story in hindi 0

जब स्कूल में सुसु निकल गया – Embarrassing Childhood Story in Hindi

मेरी हालत उस वक़्त ऐसी थी कि सुसु पेंट से होता हुआ मेरे जूतों तक और फिर ज़मीन पर गिरने लगा. मैं भाग कर टॉयलेट की तरफ जा रहा था और मेरे सुसु की एक लाइन मेरे पीछे पीछे बनती जा रही थी. उस वक़्त मैं बहुत घबरा गया था.

Story about Life in Hindi 0

“ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं” – Story about Life in Hindi

डॉक्टर ने गौरव का पैर देखा और फ़ौरन कुछ टेस्ट करवाने के लिए बोल दिए. जब टेस्ट के रिजल्ट आये तो डॉक्टर ने गौरव को अपने पास बुलाया और बताया कि उसे नेफ्रोटिक सिंड्रोम है जिसकी वजह से बहुत जल्द उसकी दोनों किडनी खराब हो जाएंगी

India Pakistan Story in Hindi 0

जब मैं पाकिस्तान गया तो फर्क पता चला – India Pakistan Story in Hindi

India Pakistan Story in Hindi Submitted by Sukhdev Singh 2018 के जनवरी में मैं नानकसर गुरुद्वारा जो कि पाकिस्तान में है, वहा गया था. पाकिस्तान का मेरा अनुभव काफी यादगार रहा. वहां कई लोगों...

Great Story in Hindi 0

अपने ही पति के मौत की रिपोर्टिंग एंकर द्वारा – Great Story in Hindi

Great Story in Hindi Submitted by Roshan Dhall ये जो आप ऊपर तस्वीर देख रहे हो, ये है सुखप्रीत कौर. ये IBC 24 न्यूज़ चैनल की रिपोर्टर है.   एक दिन सामान्य रूप से...

बांझपन की कहानी 0

बांझपन की कहानी – एक बच्चा भी ना दे पायी, इनफर्टिलिटी स्टोरी

बांझपन की कहानी Submitted by Kiran Desai हम लड़किया बचपन से ही एक धरना बना लेती है कि बड़े होकर हमारी शादी होगी और फिर बच्चे और फिर हमारा जीवन ख़ुशी ख़ुशी बीतेगा. लेकिन...

Emotional Kahani 0

मेरी ज़िन्दगी में 2 सबसे खूबसूरत लड़कियां – Emotional Kahani

Emotional Kahani Submitted by Lakshit Ahuja जब मैं कॉलेज में था तो एक लड़की पर मेरा क्रश था. वो लड़की इतनी सुन्दर थी कि मैं हर वक़्त उसके बारे में सोचता था. धीरे धीरे...