Two Moral Stories for Children in Hindi – बच्चो के लिए 2 नैतिक कहानियां

Hello मेरे प्यारे दोस्तों !

हम आपके लिए हमेशा कोशिश करते है कि सबसे नयी और शिक्षादायक नैतिक कहानियां आपके लिए लाते रहे और इस बार हम हमरे प्यारे बच्चो के लिए लाये है दो moral stories for children in hindi. ये नैतिक मोरल कहानियां पढ़ कर आपको बहुत अच्छी सीख तो मिलेगी ही साथ ही ज़िन्दगी को देखने का एक नया नजरिया भी मिलेगा. तो आईये पढ़ते है ये शिक्षादायक कहानियां।

1st Moral Story for Children in Hindi – पापा… चलो पतंग उड़ाते है !

बसंत का मौसम था, मोहित ने आसमान में रंग बिरंगी पतंगों को देखा तो बहुत खुश हुआ. वो भाग कर अपने पापा के पास गया और कहा “पापा, देखो आसमान में कितनी रंग बिरंगी पतंगे उड़ रही है, चलो हम भी उड़ाते है…”

पापा को भी पतंग उड़ाने का शौक था, वो फ़ौरन मोहित के लिए कई पतंगे और उड़ाने वाला धागा यानि डोर ले आये.

मोहित ने पतंग उड़ानी शुरू की और बहुत जल्द पतंग दूर आसमान में चली गयी. मोहित अपनी पतंग देख कर बहुत खुश हो रहा था. कुछ देर बाद डोर ख़त्म हो गयी. मोहित ने पापा को कहा “पापा…डोर तो ख़त्म हो गयी अब हम और ज़्यादा दूर तक पतंग कैसे उड़ाएंगे, क्यों ना हम इस धागे को काट दे ताकि पतंग और ज़्यादा दूर तक जा सके.”

papa patang udaye - moral story in hindi for children

पापा ने कहा ठीक है और फिर मोहित ने डोर काट दी, पतंग हवा में और भी ज़्यादा ऊंची और दूर जाने लगी. ये देख कर मोहित बहुत खुश हो रहा था.

लेकिन तभी हवा थोड़ा कम होने लगी और फिर पतंग भी धीरे धीरे नीचे आने लगी. जल्द ही वो पतंग एक ईमारत के ऊपर जा गिरी। ये देख कर मोहित को बड़ी हैरानी हुई. उसने सोचा कि डोर काटने के बाद तो पतंग को और भी ऊंचा और दूर जाना जाना चाहिए लेकिन ये तो नीचे आ गयी.

मोहित ने आश्चर्य में अपने पापा को पुछा “पापा…मैंने तो डोर काट दी थी. पतंग को तो और भी ऊंचा जाना चाहिए था, फिर ये नीचे क्यों गिर गयी?”

पिता ने मोहित को समझते हुए कहा “बेटा…. वो डोर नहीं थी जो पतंग को हवा में और ऊपर जाने से रोक रही थी, बल्कि डोर तो पतंग को हवा में बने रहने का काम करती है. डोर की वजह से हम पतंग को सही दिशा दे पाते है. जब तुमने पतंग की डोर काटी तो जब तक हवा थी तो पतंग उड़ती रही लेकिन जब हवा कम हुई तो पतंग नीचे आ गिरी.”

पिता ने मोहित को फिर समझते हुए कहा “बेटा, इसी तरह ज़िन्दगी है. परिवार बिलकुल उस डोर की तरह है जो अपने बच्चो को सही दिशा देने में मदद करता है. बच्चो को हर मुश्किल परिस्थिति में परिवार के सहारे या सलाह की ज़रूरत होती है ताकि उसे सही दिशा मिल सके. परिवार अपने बच्चो को बाँधने का काम नहीं करता बल्कि उन्हें सही दिशा देने का काम करता है.”   

2nd Moral Story in Hindi – बुरा करोगे तो बुरा मिलेगा, अच्छा करोगे तो अच्छा ही मिलेगा

एक बार एक अमीर व्यक्ति अपने काम पर जाने के लिए कार में बैठने ही वाला था. उसकी कार के नीचे एक आवारा कुत्ता था बैठा था. जैसे ही उस व्यक्ति ने कार में बैठने के लिए दरवाज़ा खोला उस कुत्ते ने उस व्यक्ति को काट लिया. गुस्से में लाल, उस व्यक्ति ने कुत्ते को कई पत्थर मारे लेकिन उसे लगे नहीं और वो कुत्ता भाग गया.

वो व्यक्ति अपने ऑफिस पहुंचा कि तभी उसने देखा कि मैनेजर ने अपना काम अच्छे से नहीं किया. बस फिर क्या था, उस व्यक्ति ने जो गुस्सा कुत्ते पर था, वो मैनेजर पर उतार दिया और उस बेचारे को बहुत खरी खोटी सुनाई.

अब मैनेजर भी गुस्से में आ गया. उसने अपने नीचे काम करने वालो पर अपनी भड़ास निकाल दी. और ये सब यूँ ही चलता रहा.

अंत में जा कर किसी ने अपना गुस्सा कंपनी के चपरासी पर निकाल दिया. अब चपरासी भी गुस्से में था, वो घर गया, पत्नी ने खाना दिया और उस चपरासी ने गुस्से में अपनी पत्नी को कहा “ये कैसा खाना बनाया है, ना नमक है ना स्वाद”. उस चपरासी ने अपना सारा गुस्सा अपनी पत्नी पर निकाल दिया.

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अब पत्नी भी गुस्से में आ गयी. वो अपने कमरे में गयी जहाँ उसका बेटा टीवी देख रहा था. उसने अपने बेटे को डांटते हुए कहा “क्या सारा दिन टीवी देखते रहता है, चल जा कर अपने स्कूल का काम कर”

अब बेटे को भी थोड़ा गुस्सा आ गया और वो उदासी भरी आँखे लिए घर से बाहर आ गया. घर के बाहर एक कुत्ता बैठा था और उस चपरासी के बेटे ने ज़ोर से पत्थर उस कुत्ते को मारा और उसे वो बहुत लगा भी. कुत्ता चिल्लाता हुआ भाग गया. वो वही कुत्ता था जीने सुबह उस अमीर आदमी को काटा था. कहानी का मोरल: दोस्तों, ज़िन्दगी ऐसे ही चलती है. तुम जैसा कर्म करोगे वैसा ही पाओगे. हमेशा सबके साथ प्यार से पेश आओ. याद रखो, अच्छा करोगे तो अच्छा पाओगे और बुरा करोगे तो बुरा ही मिलेगा.

दोस्तों, हमें यकीन है कि आपको ये Moral Stories for Children in Hindi अच्छी लगी होगी. इन मोरल कहानियों को दूसरे बच्चो के साथ भी शेयर ज़रूर करे.

Vineet

नमस्ते। मुझे नयी कहानियां लिखना और सुनना अच्छा लगता है. मैं भीड़-भाड़ से दूर एक शांत शहर धर्मशाला (H.P) में रहता हूँ जहाँ मुझे हर रोज़ नयी कहानियां देखने को मिलती है. बस उन्ही कहानियों को मैं आपके समक्ष रख देता हूँ. आप भी इस वेबसाइट से जुड़ कर अपनी कहानी पब्लिश कर सकते है. Like us on Facebook.

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