मैं बोझ नहीं हूं पापा – Beti ki Pukar Poem in Hindi

यह “बेटी की पुकार” एक इमोशनल कविता हैं जो दर्शाती हैं, एक बेटी और पापा के बीच में हो रहे संवाद को।

🙏शाम हो गई अभी तो घूमने चलो न पापा
चलते चलते थक गई कंधे पे बैठा लो न पापा
अंधेरे से डर लगता है सीने से लगा लो न पापा
मम्मी तो सो गई अपनी थपकी देकर सुलाओ न पापा
स्कूल तो पूरी हो गई अब कॉलेज जाने दो न पापा
पाल पोस कर बड़ा किया अब जुदा तो मत करो न पापा
अब डोली में बिठा ही दिया तो आंसू तो मत बहाओ न पापा
आपकी मुस्कुराहट अच्छी है एक बार मुस्कुराओ न पापा
आप हमारी हर बात मानी एक बात और मान जाओ न पापा
इस धरती पर बोझ नहीं मै दुनिया को समझाओ न पापा🙏
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हेलो दोस्तों, आपको यह Beti ki Pukar Poem in Hindi कैसी लगी कृपया कमेंट में बताये।

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16 Responses

  1. ASHUTOSH KUMAR says:

    भावुक कर दिया भाई

  2. Mohd Mahtab Alam says:

    Bahut achhi lagi or bhi post aise hi likhe ham apke likhe post share karenge sabhi tak.

  3. VIKASH RANJAN says:

    बहुत ही बेहतरीन , सुंदर, सराहनीय एवं मार्मिक रचना…..👌👌

  4. Sanket Chandra says:

    Wow

  5. Ravi Ranjan Kumar says:

    बहुत ही सुंदर कविता है आपकी.. समाज मे नारी को मान सम्मान मिले इस ओर प्रेरित कर रही है आपकी कविता… नारी की इज्जत करना सीखा रही आपकी कविता… बाप बेटी की इस अतुल्‍य रिश्ते को दर्शा रही है आपकी कविता… मेरे आत्मा को भा गई है आपकी ये कविता…. धन्यवाद

  6. Saurav Raj says:

    Badhiya bhai

  7. DEEPAK KUMAR RAJAK says:

    Wow fantastic, it’s very emotional and inspiring poem for every father- daughter relation

  8. Sonu says:

    Nyc story h

  9. Sonam says:

    Wow nice janu

  10. riya Patel says:

    Nice

  11. AB says:

    very emotional lines

  12. Sumit says:

    Waah kya baat hai.

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