बचपन का प्यार – एक प्रेम कहानी ( भाग – २) Hindi Love Story

( सूचना – दोस्तो, अगर अपने भाग – १ नही पढ़ा है, तो इस link के जरिए पढ़ सकते हो https://shortstoriesinhindi.com/love-story-in-hindi-part-1/ या फिर इस ब्लॉग पे देख सकते हो पहले का भाग )

Love Story In Hindi

पापा की आवाज सुनकर सुनीता बहुत घबरा गई ! परेश के भी होश उड़ गए। सुनीता के पापा, उन दोनों के पास पहुंचे और परेश को कसकर एक थप्पड़ मारा। थप्पड़ खाकर परेश जमीन पर गिर पड़ा। फिर उन्होंने सुनीता को कहा, “ चुप-चाप घर चलो” और परेश को कहा, “मैं कही अपना होश खो बैठु, उससे पहले तुम भी अपने घर चले जाओ।”

Heart Touching Pyar Ki Ek Kahani

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यह बात सुनकर, परेश डर के मारे अपने घर चला गया। सुनीता की आंखो से आंसू की धारा बहने लगी! उसके पापा ने उसका हाथ पकड़ा और तेज़ी से घर की तरफ ले जाने लगे। घर पहुंचकर, सुनीता की मम्मी ने, दोनों को ऐसे आते हुए देखकर पूछा, “ क्या हुआ! सुनीता को ऐसे पकड़कर क्यों ला रहे हो? क्या किया है, उसने ?” “यह बात तुम अपनी लाड़ली से पूछो तो बेहतर रहेगा।” सुनीता के पापा ने उत्तर दिया। “ आज मैंने परेश और सुनीता को रंगरलियां मनाते हुए पकड़ा। ये दोनों रोज खेलने नहीं, प्यार भरे पल बिताने जाते हैं। पढ़ाई-लिखाई तो करनी नहीं है, मेडम साइबा को!” “आप शांत हो जाइए, वो अभी बच्ची है; मैं उसे समझाती हूं।” ऐसा कहकर सुनीता की मम्मी उसको अपने कमरे में ले गई।

True Love Story in Hindi

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कमरे में ले जाकर उसकी मम्मी ने उसको बहुत समझाया; लेकिन सुनीता ने जिद्द पकड़ी, की वह शादी करेगी, तो सिर्फ परेश से करेगी, वरना सारी जिंदगी कंवारी रहेगी। उसकी मम्मी की एक भी बात नहीं सुनी उसने। फिर उसकी मम्मी को बहुत गुस्सा आया, उसने सुनीता को एक कमरे में बंद कर दिया और कहा, “ अब सारी जिंदगी तु इस कमरे में पड़ी रहना! खाना भी नहीं मिलेगा और कल से तुम्हारा स्कूल जाना भी बंद। तुम्हारे पापा को बोलती हूं, एक अच्छा सा लड़का देखकर तुम्हारी शादी करा दे। परेश काम -धंधा नहीं करता हैं, कुछ नहीं। तुम्हें वह क्या खुश रखेगा! न उसके मार्क्स अच्छे आते है और न वो अच्छा दिखता है? तुम ऐसे लड़के से क्यों शादी करना चाहती हो?” यह बात सुनकर सुनीता ने रोते हुए कहा,“ मां, प्यार इन्सान के चेहरे से नहीं, दिल से होता है। परेश भले दिखने में थोड़ा सांवला है; लेकिन दिल का बहुत नेक और साफ लड़का है। वह कोई काम-धंधा इसलिए नहीं करता; क्यों की वह अभी पढ़ाई कर रहा है। ये उम्र कमाने की नहीं, पढ़ने – लिखने की उम्र है। जब पढ़-लिख के वह कुछ कमाने लगेगा, तब आप मेरी शादी उससे करा देना। मैं तब तक उसका इंतजार करूंगी और आपने क्या कहा था? उसके मार्क्स अच्छे नहीं आते परीक्षा में? तो मैं आपको बता दू, इस कायनात में ऐसे बहुत सारे लोग है, जो की कॉलेज ड्रॉप आउट है, कुछ लोग तो स्कूल भी नहीं गए और कुछ लोगो को तो स्कूल से भी निकाल दिया था, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में बड़ी से बड़ी सफलता हांसल की। मेरा परेश भी कुछ न कुछ तो कर ही लेगा। भले वो दो पैसे कम कमाएगा, चला लेंगे; लेकिन मुझे खुश रखेगा, मुझे विश्वास है।” यह बात सुनकर सुनीता की मम्मी, गुस्से से आग-बबूला हो गई। उसने सुनीता को २- ४ थप्पड़ मार दिए और कहा, “अपनी मां को तू भाषण दे रही है, तुम्हारा भाषण तुम्हारे पास रखो। तुम्हारी शादी वही होगी, जहा तेरे पापा चाहेंगे।” यह बात कहकर, कमरे को बंद करके उसकी मम्मी वहा से चली गई। मम्मी के जाने के बाद, सुनीता कमरे में बैठकर बहुत रोई। बारिश की बूंदों तरह, उसकी आंखों से आंसू बहने लगे।

Emotional Love Story in Hindi

 कुछ दिनों तक, सुनीता को ऐसे ही एक कमरे में बंद रखा। उसकी मम्मी, केवल दो बार उसके कमरे में खाना देने जाती थी। सुनीता का मन नहीं करता था, की खाना खाए! लेकिन फिर भी अपने अस्तित्व को टिकाने के लिए थोड़ा सा खा लेती थी। उसका प्रत्येक दिन, परेश की याद में व्यतीत होता। परेश के साथ बिताए हुए, हर एक पल उसको याद आते। रात को भी उसको नींद नहीं आती थी। दिल में बस एक ही प्यास थी, मैं परेश से कब मिलूंगी ? कुछ दिनों तक एक ही कमरे में रहने की वजह से, उसको ऐसा लगने लगा था की, जैसे यह कमरा ही उसका जीवन है। वह निराशा में चली गई और जीने की आश उसकी चली गई। उसके मम्मी – पापा को उसकी बहुत चिंता हुई।

Hindi Love Story

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 धीरे-धीरे सुनीता ने खाना ओर भी कम कर दिया। वह एक गहरी निराशा में चली गई। उसका ऐसा हाल देखकर उसके मम्मी-पापा, उसको कमरे से बाहर लाए और कहा कि, अब तुम हमारे साथ खाना और रीना के साथ खेलना, तुझे अच्छा लगेगा। रीना, सुनीता की छोटी बहन थी। रीना ने बहुत प्रयास किए, लेकिन सुनीता न उसके साथ बात करती, न खेलती। उसका मन उड़ चुका था खेलने से। वो सिर्फ रीना से ही नहीं, किसी से भी बात नहीं करनी थी। बात अगर करती भी, तो थोड़ी सी करती, पहले की तरह ज्यादा नहीं।

Hindi Prem Kahaani

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एक दिन अचानक कमजोरी की वजह से, सुनीता को चक्कर आया और वह जमीन पर गिर पड़ी। उसको ऐसा देखकर रीना ने मम्मी-पापा को आवाज दी, “ मम्मी-पापा, जल्दी आओ। मेरी बहन को देखो क्या हो गया! अचानक वह नीचे गिर पड़ी। जल्दी से उसको आप डॉक्टर अंकल के पास लेकर जाओ।” ऐसा कहकर वह बहुत रोने लेगी।

( दोस्तों, कैसा लगा आपको भाग – २ ? अब सोचिए, आगे क्या होगा? सुनीता की स्थिति क्या होगी ? क्या हॉस्पिटल में ले जाने के बाद वह ठीक होगी? परेश उसको मिलेगा की नहीं ? फिक्र मत करो, मैं जल्द ही तीसरा भाग लेकर आपके पास लोटूंगा। तब तक देखते रहिए Short Stories Blog )

( भाग – ३ बहुत ही जल्द…)

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3 Responses

  1. Sanjay Parmar says:

    Sunita thik ho jayegi , muje vishvas he paresh milega sunita se .

  2. Suresh Kumar says:

    Yar jabardast Aashish bhai love is life coming soon 3 part

  3. Prashant says:

    Awesome…👌🏻

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