इस दिवाली उम्मीद का दिया जलाये - Short Story on Diwali in Hindi

इस दिवाली उम्मीद का दिया जलाये – Short Story on Diwali in Hindi

Short Story on Diwali in Hindi Submitted by Kunal Sharma

ये बात एक साल पहले की है. दीवाली का समय था और मुझे ऑफिस से बोनस मिला था. मैं बाजार से कुछ सामान खरीद कर घर लौट रहा था. जब मैं घर के करीब पहुँचने वाला था, मुझे एहसास हुआ कि मेरा पर्स जेब में नहीं है. मैं घबरा गया क्यूंकि मेरे पर्स में ना सिर्फ पैसे बल्कि मेरा लाइसेंस, पैन कार्ड और कुछ ज़रूरी कागज़ भी थे.

मैंने जल्दी से सामन घर रखा और पूरे रास्ते अपने पर्स को देखते रहा लेकिन नहीं मिला. घबराहट के साथ मेरा मन भी उदास हो गया था. त्यौहार के समय जब किसी के साथ ऐसी घटना हो जाए तो आप समझ सकते है की उसे कैसा लगता होगा.

मैं हार मान कर घर आ गया और सोचा कि अगले दिन FIR लिखवाऊंगा. उदासी में बैठा मैं बस अपने आप को कोस रहा था और सोच रहा था कि आखिर कैसे मेरा पर्स गिर गया.

short story on diwali in hindi

Short Story on Diwali in Hindi

रात के करीब 8 बजे दरवाज़े की घंटी बजी और मैंने दरवाज़ा खोला. बाहर एक सरदार जी खड़े हुए थे और वे देखने में कुछ गरीब भी लग रहे थे. सरदार जी ने मुझे पुछा “भाई साहब आपका कोई सामान खो गया है क्या?”

मैंने कहा ” हाँ… सरदार जी, मेरा पर्स खो गया है”

उन्होंने मेरा पर्स मेरी तरफ करते हुए कहा “ये लीजिये आपका पर्स, शाम को जब मैं अपने घर जा रहा था तो सड़क के किनारे झाड़ियों के पास पड़ा मिला था. देख लीजिये सब सामान है कि नहीं”

मैंने पर्स देखा तो पाया उसमे पैसे और सब कागज़ सही सलामत थे. मैंने सरदार जी का शुक्रिया किया और उन्हें घर के अंदर आने को कहा. मैंने अपने पर्स में से 500 रुपये निकाले और सरदार जी को देने लगा लेकिन उन्होंने मना कर दिया और कहा “भाई साहब, मुझे पैसे नहीं चाहिए …… मैं इलेक्ट्रीशियन और काम की तलाश में हूँ, अगर आप मुझे कही काम दिलवा दे तो बड़ी मेहरबानी होगी”

Short Story on Diwali in Hindi

मैं समझ गया कि सरदार जी मुझसे बिना काम के कभी पैसे नहीं लेंगे. मैंने सरदार जी को कहा कि 2 दिन तक इंतज़ार करे, अगर कोई काम हुआ तो उन्हें बताऊंगा. मैंने सरदार जी का मोबाइल नंबर लिया और फिर कुछ देर बैठने के बाद वे घर से चले गए.

मैंने अपनी ज़िन्दगी में इतना ईमानदार इंसान कभी नहीं देखा था और मैं दिल से उनकी मदद करना चाहता था. मैंने अपने सभी दोस्तों को जो कि सरदार जी के बारे में बताया. मेरे कुछ दोस्तों का अपना बिज़नेस था और कई दोस्त बड़ी कंपनियों में जॉब करते थे. 1 दिन बाद में मेरे एक दोस्त ने मुझे फ़ोन करके बताया कि उसकी फैक्ट्री में इलेक्ट्रीशियन का पद खाली है और वो काम करीब 4 साल तक चलेगा और इलेक्ट्रीशियन को 20,000 रुपये प्रति महीना तनख्वाह भी मिलेगी.

Short Story on Diwali in Hindi

बस फिर क्या था, मैंने सरदार जी को फ़ोन लगाया और अपने दोस्त की फैक्ट्री का पता दे दिया. उसी दिन शाम को सरदार जी मेरे घर आये और कहा “भाई साहब, मैं सोच रहा था कि इस दीवाली को अपने बेटे के लिए मीठे और पटाखे कैसे खरीदूंगा लेकिन आपने मेरी दीवाली खुशियों से भर दी, मैं आपका शुक्रिया कैसे करू”. सरदार जी बहुत खुश लग रहे थे और उन्हें देख कर मैं भी बहुत खुश था.

Read More Stories:

मैंने उन्हें कहा “सरदार जी, ये तो आपके कर्मो का फल है. आपने मेरा पर्स लौटा कर मुझे निराश नहीं होने दिया तो मैंने आपको निराश कैसे होने देता. और मैंने तो सिर्फ छोटी सी कोशिश ही की थी. आपको नौकरी तो आपके हुनर की वजह से मिली है.”

उस दिन मुझे एहसास हुआ कि ज़िन्दगी में किसी की मदद करने से जो ख़ुशी मिलती है वो किसी और में कभी नहीं मिल सकती. दोस्तों, आप भी हमेशा किसी ना किसी की मदद करने की कोशिश ज़रूर करे, आपको जो ख़ुशी और सुकून मिलेगा वो निशब्द है.  

हमारे सभी पाठकों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें !

We wish Happy Diwali to all our READERS !!

Vineet

नमस्ते। मुझे नयी कहानियां लिखना और सुनना अच्छा लगता है. मैं भीड़-भाड़ से दूर एक शांत शहर धर्मशाला (H.P) में रहता हूँ जहाँ मुझे हर रोज़ नयी कहानियां देखने को मिलती है. बस उन्ही कहानियों को मैं आपके समक्ष रख देता हूँ. आप भी इस वेबसाइट से जुड़ कर अपनी कहानी पब्लिश कर सकते है. Like us on Facebook.

You may also like...

वेबसाइट देखने के लिए शुक्रिया, शेयर ज़रूर करे !