अँधा होने के बावजूद बना डाली 50 करोड़ की कंपनी – Real Inspiring Story In Hindi

दोस्तों ये Real Inspiring Story in Hindi है एक अंधे लड़के की. एक ऐसे लड़के की जिसने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि विकलांगता से कुछ नहीं होता, अगर दिल में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो मुश्किल से मुश्किल कार्य भी आसान लगने लगता है. ये मोटिवेशनल कहानी ऐसे ही एक लड़के की है जो आपको प्रेरणा तो देगी ही साथ ही ज़िन्दगी के बारे में आपको काफी कुछ सीखने को मिलेगा.

Inspiring Story in Hindi

एक गाँव में एक लड़का था जिसका परिवार बहुत गरीब था. उनके लिए दो वक्त का खाना जुटाना भी बहुत मुश्किल था.

वो लड़का अँधा था और उसके पिता अपने परिवार का पेट भरने के लिए खेती करता था.

एक दिन पिता अपने खेत में कुछ काम कर रहा था तो उसका वो अँधा बेटा भी खेत में आ गया और अपने पिता की मदद करने लगा. अपने अंधे बेटे को खेत में देखकर पिता समझ गया कि उसका बेटा खेती कर के धन नहीं कमा सकता इसलिए उस किसान ने अपने बेटे को पढ़ाने की सोची.

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गाँव में आस पास कोई स्कूल नहीं था इसलिए किसान ने अपने बेटे को पढ़ाने के लिए पास गाँव के स्कूल में भर्ती करवा दिया.

वो अँधा लड़का पढ़ने में ठीक था लेकिन सब हैरान रह गए वह 10 वी में 90 प्रतिशत नंबर ले कर आया. अपने नंबर देख कर लड़का और भी मेहनत करने के लिए प्रेरित हुआ और उसने 11 वी कक्षा में नॉन मेडिकल लेने की सोची लेकिन किसी भी स्कूल ने उसकी भर्ती नहीं की क्यूंकि उस समय राज्य सरकार के मुताबिक एक अँधा नॉन मेडिकल नहीं ले सकता। उस लड़के के 2 महीने खराब हो चुके थे लेकिन उसने हार नहीं मानी. उसने सरकार को नॉन मेडिकल रखने के लिए अर्जी लिखी और उसका पिछले रिकॉर्ड देखते हुए उसे 11 वी में नॉन मेडिकल रखने की अनुमति मिल गयी.

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उस अंधे लड़के ने बहुत मेहनत की और 12 वी की नॉन मेडिकल में 97 प्रतिशत नंबर लेकर आया जिससे सभी हैरान रह गए.

इसके बाद इस अंधे लड़के ने भारत के सबसे बड़े और अच्छे कॉलेज IIT में पढाई करने की ठानी लेकिन इसके लिए कुछ आसान नहीं था. कॉलेज ने ये कह कर इसकी अर्जी ठुकरा दी कि ये अँधा है. इसके बाद भी इसने हार नहीं मानी और अमरीका के कुछ सबसे अच्छे कॉलेजो में स्पॉन्सरशिप की दरखास्त डाल दी और आपको हैरानी होगी कि अमरीका के कई कॉलेजों ने इसकी अर्जी स्वीकार ली.

बस फिर क्या था, अमरीका के कॉलेज से पढाई पूरी करने के बाद इस अंधे लड़के ने एक कंपनी खोली जिसमे आज 200 से ज़्यादा अंधे यानि दृष्टिहीन लोग काम करते है.

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हम जिस अंधे लड़के की बात कर रहे है उनका नाम है श्रीकांत बोला जिसने हम जैसे कई आम लोगो को सिखाया कि मुश्किल कुछ भी नहीं. श्रीकांत ने लोगों को आम से ख़ास बनने की प्रेरणा दी और श्रीकांत मिसाल है आज ना सिर्फ दृष्टिहीन लोगों के लिए बल्कि हर एक इंसान के लिए जो ज़िन्दगी को मुश्किल समझता है.  

श्रीकांत ने लोगों को बताया कि अगर मैं कर सकता हूँ तो आप क्यों नहीं !

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Vineet

नमस्ते। मुझे नयी कहानियां लिखना और सुनना अच्छा लगता है. मैं भीड़-भाड़ से दूर एक शांत शहर धर्मशाला (H.P) में रहता हूँ जहाँ मुझे हर रोज़ नयी कहानियां देखने को मिलती है. बस उन्ही कहानियों को मैं आपके समक्ष रख देता हूँ. आप भी इस वेबसाइट से जुड़ कर अपनी कहानी पब्लिश कर सकते है. Like us on Facebook.

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