2 बहुत अच्छे प्रेरणादायक कहानी – Short motivational story in hindi for success

1). सफलता का रहस्य – Secret of success in hindi

एक बार एक नौजवान लड़के ने अपने एक दोस्त राजीव से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है?

राजीव ने उस लड़के से कहा कि तुम अगर सफलता का रहस्य देखना चाहते हैं तो, कल मुझे नदी के किनारे मिलो. दूसरे दिन दोनों दोस्त नदी किनारे मिले.

फिर राजीव ने दोस्त से उनके साथ नदी की तरफ उतरने को कहा.और जब आगे बढ़ते-बढ़ते पानी गले तक पहुँच गया, तभी अचानक से राजीव ने उस लड़के का सर पकड़ के पानी में डुबो दिया. लड़का दर गया और बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगा, लेकिन राजीव ताकतवर थे और उसे तब तक डुबोये रखे जब तक की वो नीला नहीं पड़ने लगा. फिर राजीव ने उसका सर पानी से बाहर निकाल दिया और बाहर निकलते ही जो चीज उस लड़के ने सबसे पहले की वो थी हाँफते-हाँफते तेजी से सांस लेना.

राजीव ने पूछा ,” जब तुम पानी के अंदर थे तो तुम सबसे ज्यादा क्या चाहते थे?”

उस लड़के ने उत्तर दिया,”सांस लेना”

राजीव ने कहा,” यही सफलता का रहस्य है. जब तुम सफलता को उतनी ही बुरी तरह से चाहोगे जितना की तुम सांस लेना चाहते थे तो वो तुम्हे मिल जाएगी” इसके आलावा दुनिया में और कोई रहस्य नहीं है.

Short motivational story in hindi for success

2). दोस्त का जवाब – प्रेरणादायक कहानी – Inspirational story in hindi

कुछ समय पहले की बात है , दो दोस्त बीहड़ इलाकों से होकर शहर जा रहे थे. गर्मी बहुत अधिक होने के कारण वो बीच -बीच में रुकते और आराम करते. उन्होंने अपने साथ खाने-पीने की भी कुछ चीजें रखी हुई थीं. जब दोपहर में उन्हें भूख लगी तो दोनों ने एक जगह बैठकर खाने का विचार किया .

खाना खाते – खाते दोनों में किसी बात को लेकर बात बिगड़ गयी ..और धीरे -धीरे बात इतनी बढ़ गयी कि एक दोस्त ने दूसरे को अचानक थप्पड़ मार दिया .पर थप्पड़ खाने के बाद भी दूसरा दोस्त चुप रहा और कोई विरोध नहीं किया ….बस उसने पेड़ की एक टहनी उठाई और उससे मिटटी पर लिख दिया “ आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मारा ”

खाना खाने के बाद थोड़ी देर में उन्होंने पुनः यात्रा शुरू की , मन मुटाव होने के कारण वो बिना एक -दूसरे से बात किये आगे बढ़ते जा रहे थे कि तभी थप्पड़ खाए दोस्त के चीखने की आवाज़ आई , वह गलती से दलदल में फँस गया था …दूसरे दोस्त ने तेजी दिखाते हुए उसकी मदद की और उसे दलदल से निकाल दिया .

इस बार भी वह दोस्त कुछ नहीं बोला उसने बस एक नुकीला पत्थर उठाया और एक विशाल पेड़ के तने पर लिखने लगा ” आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मेरी जान बचाई.

उसे ऐसा करते देख दूसरे मित्र से रहा नहीं गया और उसने पूछा , “ जब मैंने तुम्हे थप्पड़ मारा तो तुमने मिटटी पर लिखा और जब मैंने तुम्हारी जान बचाई तो तुम पेड़ के तने पर कुरेद -कुरेद कर लिख रहे हो , ऐसा क्यों ?”

दोस्त ने जवाब दिया ” जब कोई तकलीफ दे तो हमें उसे अन्दर तक नहीं बैठाना चाहिए ताकि क्षमा रुपी हवाएं इस मिटटी की तरह ही उस तकलीफ को हमारे जेहन से बहा ले जाएं , लेकिन जब कोई हमारे लिए कुछ अच्छा करे तो उसे इतनी गहराई से अपने मन में बसा लेने चाहिए कि वो कभी हमारे जेहन से मिट ना सके .” ,

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