चोर का समर्पण (रहस्यमय प्रेम कथा -1) Amazing and Different Love Story

चोर का समर्पण – भाग 1 (Amazing Love Story in Hindi)

देवकुई गांव और उसके आसपास के कई गांवों में, पिछले कई सालों से भय और चिंता का वातावरण बना रहता था। इसकी वजह यह थी की हर हफ्ते में एक बार बिल्ला सिंह नाम का एक चोर, घोड़े पे सवार होकर अपने आदमी के साथ गांव में आता और किसी न किसी के घर से चोरी करता। गांव में अब तक, कई परिवारों का भारी नुकसान हो चुका था। किसी का पैसा गया, तो किसी का सोना, गहनें, कीमती चीज,आदि। कई बार बिल्ला अकेला भी चोरी के लिए आता और कीमती चीजों को चुरा के चला जाता।

Unbelievable Love Story in Hindi

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गांव के लोगों ने बिल्ला के खिलाफ कई शिकायते भी पुलिस स्टेशन में दर्ज की; लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। बिल्ला पुलिस को भारी रिश्वत देता था, इसलिए बिल्ला हमेशा पुलिस से बच जाता। सिर्फ देवकुई गांव में ही नहीं, उसके अलावा भी आसपास के कई गांव और तहसील, जिले तक बिल्ला बड़ी-बड़ी चोरियां करने में माहिर था। एक दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ। देवकुई गांव का पड़ोसी गांव था, शीलापुर। शीलापुर के जमीनदार के पास करोड़ों रुपए की धन संपत्ति थी। उसमें कीमती हीरा, सोना, नक़द पैसे, गहनें, आदि का समावेश था।

बिल्ला, दिन के समय में एक सामान्य मजदूर बनकर गांव में आया और सारी निगरानी कर ली। फिर रात को अपना भेष बदलकर गांव में आया। उसके चेहरे पर हमेशा एक काला कपड़ा ढका हुआ रहता था, इसलिए कोई भी इंसान उसका चेहरा देख नहीं पाता था। बिल्ला, हाथ में एक चाकू रखता था और पीठ पीछे एक बैग होती थी। बैग में चोरी करने का सामान सब होता था। रात के २ बजे थे, गांव पूरा सुनसान था। आसपास में कोई आवाज नहीं थी। बिल्ला धीरे से जमीनदार के घर के पास पहुंचा। उसने देखा की सारे पहरेदार चैन से सोए हुए है। घर के पीछे एक खिड़की थी। उसने अपने बैग से जाली को काटने के लिए एक चीज निकली और जाली को धीरे से काटकर, घर के अंदर घुस गया। कुछ मिनिटो के अंदर ही उसने कीमती हीरे, जेवर, नकद पैसे सब चुरा लिया और खिड़की से ही घर से बाहर निकल गया। जब वह घर से बाहर निकल रहा था, तो एक पहरेदार ने उसको देखा और कहा, “ रुक, जाता कहा है तू?” फिर बिल्ला ने अपना चाकू निकाला और उसके गले पे रखकर बोला, “ आवाज नहीं, जरा भी होशियारी की, आवाज निकाली, तो गर्दन उड़ा दूंगा। अपनी जान चाहते हो, तो यहां पे चुप चाप लेट जाओ।” फिर पहरेदार अपनी जान बचाने के लिए चुप चाप लेट गया और बिल्ला वहां से भाग गया। सुबह जब जमीनदार को यह बात पता चली, तो उसने अपने सारे पहरेदारों को उनकी लापरवाही के लिए काम से निकाल दिया और नए पहरेदार रख लिए, जो पूरी रात उनकी रक्षा कर सके और चोर, डाकू से वीरता से लड़े। जमीनदार और उसकी पत्नी फूट फुट कर रोने लगे, क्योंकि उनके पास जो कुछ था, सब चोर लूटकर चला गया। अब बस रहने के लिए मकान था और रोजी – रोटी के लिए जमीन थी।

Unexpected Real Life Love Stories in Hindi

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बिल्ला चोरी का सारा सामान लेकर जंगल की तरफ चला गया। बिल्ला गांव से बहुत दूर एक जंगल में रहता था, जहा कोई आता – जाता नहीं था। उसने चोरी का सारा सामान एक गुफा में छुपाया था। बिल्ला के पास कुल ५ आदमी थे, जो वीरता से भरे हुए थे। बिल्ला कई बार उनको अपने साथ चोरी करने के लिए ले जाता था और १-२ आदमी को पैसे, सोने, गहनें आदि, सबकी रक्षा के लिए गुफा के बाहर पहरा देने के लिए बोलते थे।

बिल्ला ने एक बार अपने ५ आदमी को बुलाया और बैठक की। उसमें उसने कहा, “ दोस्तों, छोटा – मोटा हाथ बहुत मार लिया, अब चलो कुछ दिनों के लिए शहर में जाते है और बड़ा हाथ मारते हैं।”  सारे आदमी उसकी बात से सहमत हुए। उसने अपने सबसे वफादार आदमी सुमित को शहर में भेजा और कहा, “ तुम शहर में जाओ, शहर का सबसे अमीर इंसान कौन है? ढूंढो और कुछ निगरानी करके आओ, याद रहे की तुम्हे यह काम बड़ी सावधानी और चतुराई से करना होगा।

सुमित ने बिल्ला की बात मानकर कुछ दिनों शहर में ठहरा और बतौर मजदूर उसने काम किया। मजदूरी का काम करते हुए, उसने अपने साथ काम करते कुछ मजदूरों को पूछा, “ यहां का सबसे अमीर इंसान कौन है? आपको पता है? बस, ऐसे ही पूछ रहा हूं, बाकी अपना तो नसीब ही कहा, की अमीर बने! मजदूर हूं। मजदूरी करके अपना घर चलाता हूं।” “ इस शहर के सबसे अमीर इंसान तो हमारे मालिक है। हम जिस बिल्डिंग के कंस्ट्रक्शन का काम कर रहे है, उसका मालिक, शेठ धर्मराज। वो इस शहर का सबसे रईस और धनवान व्यक्ति है।” एक आदमी ने जवाब दिया।

सुमित ने कही से पता लगाया की उनका घर कहा पे है? फिर वह चुपके से उनके घर के आसपास गया और निगरानी की। कुछ दिनों काम करने के बाद वह फिर से वापस जंगल में आ गया, जहां पे उनका सरदार बिल्ला सिंह और उनके आदमी उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे। सुमित ने बिल्ला सिंह और अपने साथियों को सारी जानकारी बताई। बिल्ला सिंह ने सुमित को शाबाशी दी और एक मजबूत योजना के लिए, खुद कुछ दिनो निगरानी करने का फैंसला लिया। बिल्ला अगली सुबह ही अपना भेष बदलकर एक माली के रूप में शहर चला गया। वो धर्मराज के घर के नजदीक ही फूल बेच रहा था। १ – २ दिन उसने फूल बेचे और साथ में धर्मराज के ऊपर भी कड़ी नजर रखी, वह कितने बजे घर से बाहर जाता है? कितने बजे वापस आता है? घर में कौन – कौन रहता है? सारी जानकारी कुछ दिनों में हासिल कर ली।

जानकारी हासिल करने के बाद, वह वापस जंगल आ रहा था की बीच रास्ते में उसने देखा, एक युवती को कुछ बदमाश छेड़ रहे थे और एक मवाली ने तो उसको मारने के लिए चाकू निकाला था। बिल्ला चोर जरूर था ; लेकिन उसके अंदर भी इंसानियत थी। बिल्ला ने पहली बार अपने चहरे से ढका हुआ नकाब उतारा और वे बदमाशों को बोला, “ क्यों छेड़ रहे हो, इस लड़की को?” “ तू अपना काम कर, वरना तू भी पिटेगा।” एक बदमाश ने उत्तर दिया।

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बिल्ला का खून उकल रहा था। उसने पास में पड़ा एक डंडा उठाया और उन बदमाशों को पीटना शुरू कर दिया। कुछ बदमाशों को हाथ और पैर की मदद से पिटाई की, तो कुछ बदमाशों को डंडे से पीटा। एक बदमाश ने उस युवती के गले पर चाकू रखा और बिल्ला से कहा, “ देख, कुछ भी हरकत की ना, तो इस लड़की को ऊपर पहुंचा दूंगा।” बिल्ला भी चोरों का सरदार था। ऐसे आसानी से पीछे हटने वालो में से नही था। बिल्ला ने डाइव लगाकर उस बदमाश के मुंह पर एक लात मारी और उसको नीचे  गिरा दिया। वह आदमी खड़ा हुआ और बिल्ला को चाकू दिखाने लगा। बिल्ला ने चाकू पर अपना हाथ रखा और जोर से चाकू छुड़ाने की कोशिश की। बिल्ला के हाथ से थोड़ा खून बहा, लेकिन उसने चाकू अपने हाथ में ले लिया। फिर उसने फिर से उन बदमाशों को पीटना शुरू किया। आखिर में वे सारे दुम दबाकर भाग गए।

उनके भागने के बाद, बिल्ला ने उस युवती को खड़ा किया। उसको पानी पिलाया और उसके बदन को एक कपड़े से ढका। उस युवती ने बिल्ला को कहा, “ आप कौन है? अगर आज आप नहीं होते, तो में किसी को मुंह दिखाने के लिए लायक नही रहती। आपने मेरी इज्जत बचाई है। मैं आपका यह एहसान कभी नही भूलूंगी। आप इंसान नही, देवता है, जिसने सही वक्त पे आके, खुद की जान जोखिम में डालकर मुझे बचाया। मेरा नाम है, तन्वी। मैं एक शिक्षिका हूं। आनेवाले १५ अगस्त को मैं अपने प्रिंसिपल से बात करके आपको इनाम दिलवाऊंगी।”

“ नहीं, मुझे कोई इनाम की आवश्यकता नहीं है। मैंने तो केवल अपना कर्तव्य निभाया है, जो मुझे निभाया चाहिए था।” यह बात कहकर, अपना नाम बताए बिना, बिल्ला वहा से चला गया।

उस रात को तन्वी को नींद नहीं आई। वह आंखे बंद करती, तो बिल्ला दिखता और आंखे खोलती, तो भी उसके ही विचार मन में होते। तन्वी, बिल्ला के ख्यालों में कुछ इस प्रकार डूब गई की ना उसको दिन दिखता, न रात। तन्वी, इस बात से पूरी तरह अनजान थी, की बिल्ला शहर का सबसे बड़ा चोर है। चोरी, डकैती करना उसका पेशा है।

दूसरा भाग, बहुत ही जल्द…

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4 Responses

  1. Prashant says:

    Amazing…stoooryy. 🔥

  2. Rajendra says:

    Nice story aashu

  3. Yan Thapa says:

    Great, beautiful and sweet combination ashiii…😍🥰😘

  4. Suresh Kumar says:

    Very very nice 👌👌👌 story aashu bhai

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