शिवजी की एक ऐसी सच्ची धार्मिक कहानी जिसे सुन रौंगटे खड़े हो जाएंगे आपके

जब भारत ब्रिटिश शासन में था तो लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन जो की ब्रिटिश आर्मी में बड़ा अफसर था, उसे अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ युद्ध करने के लिए भेजा गया. वहां का रास्ता मध्य प्रदेश के एक गांव से होकर गुज़रता था. लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन के परिवार ने मध्य प्रदेश के ही एक गाँव में ठहरने का सोचा. मार्टिन अपने परिवार को चिट्ठियों की मदद से रोज़ सन्देश भेजते थे.

युद्ध के दौरान मार्टिन की पत्नी को उनकी चिट्ठियां आनी बंद हो गयी जिससे परिवार काफी परेशान हो गया था. मार्टिन की पत्नी को परेशान देखकर कुछ गांव वालों ने उन्हें बैज्नाथ महादेव के मंदिर में पूजा करने को कहा. उन्होंने कहा कि महादेव तो काल को भी परास्त कर देते है, अत: आप बैजनाथ महादेव के मंदिर में जाईये और शिवजी से अपने पति की लम्बी उम्र की प्रार्थना करे.

चूँकि मार्टिन की पत्नी को अपने पति की बहुत फ़िक्र हो रही थी, उसने मंदिर जाने का फैसला किया. बैजनाथ महादेव मंदिर के पुजारी ने मार्टिन की पत्नी को ॐ नमः शिवाय का जाप 11 दिन करने को कहा.

11 वे दिन मार्टिन की पत्नी को लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन का एक टेलीग्राम आया जिसमे लिखा था:

 

“मैं तुम्हे रोज़ चिट्ठियां लिखता था लेकिन तभी कुछ पठानों ने हमें चारो तरफ से घेर लिया, हमारी पूरी रेजिमेंट की मौत निश्चित थी लेकिन तभी कही से एक लम्बे बालों वाला योगी आया जिसने शेर की खाल पहनी हुई थी. उसके हाथ में तीन धार वाला एक हथियार था जिसे वह हवा में घुमाते हुए आगे बढ़ रहा था. उसे देखते ही पठान जैसे वापिस भागने लगे और हमारी हार एकदम से जीत में बदल गयी”

जब शिवजी ने अंग्रेज़ की जान बचाइ

लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन जब युद्ध से वापिस आया तो पति पत्नी बैजनाथ महादेव मंदिर में गए जहाँ मार्टिन ने अपनी पत्नि को बताया कि वो योद्धा बिलकुल ऐसा ही था जैसा कि इस मंदिर की मूर्ती है. लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन ने शिव के सामने माथा तेका और मंदिर के निर्माण के लिए काफी धन राशि दी और आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि इन पति पत्नी का नाम इस मंदिर में एक स्लैब पर भी गौंदा हुआ है. आपको ये जान कर भी आश्चर्य होगा कि भारत में सिर्फ मध्य प्रदेश का ये बैजनाथ महादेव मंदिर ही एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसका निर्माण किसी अँगरेज़ ने अपने शासनकाल के दौरान करवाया है.

अगर आप कभी बैजनाथ महादेव मंदिर नहीं गए तो एक बार ज़रूर जाए. पहाड़ो के बीच इस मंदिर में दिव्य शक्ति का एहसास होता है !

You may also like...

2 Responses

  1. rashi says:

    very nice story

  2. aarav says:

    good one friend..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिना परमिशन कॉपी नहीं कर सकते