“लड़कियों का जन्म सिर्फ त्याग के लिए ही हुआ है” Emotional story in hindi

बिना त्याग के आज तक कोई सफल नहीं हुआ है। दुनिया में सभी को कुछ ना कुछ छोड़ना पड़ता है। लेकिन उन सब पर भारी होता है लड़की द्वारा किया गया त्याग। यहाँ पर लड़की के संदर्भ में *त्याग* का मतलब *समझौता* हो सकता है। उन्हें बचपन से ही त्याग करना सिखाया जाता है, हम यूँ कहें कि यह विशेष गुण इनमें जन्मजात आ जाता है।

Emotional story in hindi

से बचपन में लड़के बाहर मौज मस्ती मे खेलते हैं। लड़कियों को घर से बाहर तक जाना मना होता है। लड़के रात में घुम सकते हैं, पर इनका दिन में निकलना मुश्किल है। लड़के हाई स्कूल के बाद शहर पढने जा सकते हैं, पर इनको हाई स्कूल के बाद पढाई छोड़नी पड़ती है। क्योंकि,गांव मे काॅलेज नहीं हैं। अगर कोई लड़की काॅलेज चली भी जाती है।तो वह कौन से विषय से पढेगी। यह भी चुनना उसके हक मे नहीं होता।फिर इनके मर्जी के बिना इनकी शादी कर दी जाती है।

Emotional story of girl in hindi

न जाने वह अपने कितने सपनों कत्ल (त्याग) कर देती है वह अपने परिवार के खुशी के लिए। उस नए और अंजान घर में खुश रहने का दिखावा करती है,और उसे भी नहीं पता कब वह इतनी बड़ी हो गई । कब वह लड़की से बहु बन गई। अभी उसका बचपन खत्म ही नहीं हुआ था। तब तक की उसके हाथों में पूरे परिवार चलाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई।अब भी घर मे किस चीज कि सब्जी बनेगी।यह भी घर के पुरूष बतायेंगे।यहा तक कि वह वोट भी अपने मर्जी से नहीं दे सकती।

हर रोज़ न जाने,बिना बताये क्या क्या सहना पड़ता है। फिर कुछ सालों बाद अपनी सुन्दरता को त्याग के बच्चे को जन्म देती है। उस समय होने वाले दर्द को आप और हम बयां नहीं कर सकते हैं। फिर,अपने सपनों को भूलकर अपने बच्चों के बारे में सोचना, पता नहीं अपने पूरे जीवन में कितना त्याग करना पड़ता है। ये सब हर किसी के बस कि बात नहीं है। ये सब कुछ देखकर कभी कभी मुझे लगता है कि *लड़कियों का जन्म सिर्फ त्याग के लिए ही हुआ है।

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2 Responses

  1. Ravi Ranjan Kumar says:

    बहुत ही नेक भावना है आपकी नारी के प्रति.. आप अपनी भावना इस कहानी के जरिये व्यक्त किए है.. आशा करता हू आपकी इस प्रेरित कहानी से लोग प्रेरित हो कर नारी को समझे और उनका सम्मान करें समाज मे आप जैसी धारणा वाले लेखक, व्यक्ति कि बहुत जरूरत है, आपके इस नेक कार्य का मै सम्मान करता हूँ! आपका पाठक – रवि

  2. Prakash says:

    Right bhai..awsm Story

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