अपना और समाज का भला चाहते है तो क्रोध से दूर रहिये – Moral Story on Anger in Hindi

क्रोध यानी कि गुस्सा। इसे लेकर एक कहावत है कि क्रोध पतन का कारण होता है। आपने देखा होगा कि अक्सर लोग गुस्से में आकर गलत कदम उठा लेते हैं, जिससे आगे चलकर उनका ही नुकसान होता है। Moral Story on Anger in Hindi  भी एक ऐसी ही कहानी है, जिसे पढ़कर आपको भी प्रेरणादायक सीख जरूर मिलेगी।

 

एक बार एक बंद दुकान में एक सांप कहीं से घूमता फिरता आकर घुस गया। उस दुकान में एक आरी रखी हुई थी। सांप दुकान में रखी आरी से टकराकर मामूली सा जख्मी हो गया। सांप को जैसी ही चोट का एहसास हुआ, वो घबरा गया और सांप ने पलट कर आरी पर पूरी ताक़त से डंक मार दिया। तेज धार वाली आरी में सांप के डंक मारने से उसके मुंह से खून बहना शुरू हो गया। अब तो सांप और भी ज्यादा गुस्से में आ गया। इसके बाद तो सांप अपने व्यवहार के मुताबिक आरी से लिपट कर उसे जकड़ कर और उसका दम घोंट कर मारने की पूरी कोशिश करने लगा। फिर क्या था अब सांप अपने गुस्से की वजह से बुरी तरह घायल हो चुका था।

दूसरे दिन जब दुकानदार ने अपनी दुकान खोली तो वहां का नजारा देख वो दंग रह गया। उसने देखा कि एक सांप तेज धारदार आरी से लिपटा और मरा पड़ा है। यानी कि वो सांप किसी और कारण से नहीं बल्कि अपने गुस्से यानी कि क्रोध की भेंट चढ़ गया था। सांप को किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने क्रोध ने मार डाला।

दोस्तों, ये कहानी हमें क्रोध से होने वाले अपने ही नुकसान की बहुत बड़ी सीख देती है। कभी कभी गुस्से में हम दूसरों को हानि पहुंचाने की कोशिश करते हैं मगर समय बीतने के बाद हमें पता चलता है कि हमने अपने आप का ही सबसे ज़्यादा नुकसान किया है।

 

इस कहानी का सार ये है कि जिंदगी में कभी कभी हमें, कुछ चीजों को, कुछ लोगों को, कुछ घटनाओं को, कुछ कामों को और कुछ बातों को इग्नोर करना चाहिए। अपने आपको मानसिक मजबूती के साथ इग्नोर करने का आदी बनाइये। जरूरी नहीं कि हम हर एक्शन का एक रिएक्शन दिखाएं। हमारे कुछ रिएक्शन हमें नुक्सान और बहुत ज़्यादा हानि पहुंचा सकते है. आज के दौर में लोगों के अंदर बहुत गुस्सा है, वे छोटी छोटी बातो पर गुस्सा करते है चिल्लाते है जिसका कि ना सिर्फ हमारी मानसिक शक्ति बल्कि स्वास्थ्य को भी नुक्सान होता है.

 

मैंने गुस्से में छोटे छोटे बच्चो को घर की चीज़े फेंकते या अपने माँ बाप को बुरा भला भी कहते हुए देखा है. दोस्तों, अगर आपके घर में भी कोई छोटा बच्चा है और अगर उसे बहुत ज़्यादा गुस्सा आता है तो इस बात को नज़रअंदाज़ ना करे. उसे बचपन से ही अपने गुस्से पर काबू करना सिखाये, उसे सहनशील बनाये ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी एक शांतिपूर्वक समाज में अपना बसेरा पा सके.

 

धन्यवाद

Shalini Singh

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