“समयनिष्ठता” खुशहाल जीवन का राज – समय का महत्व पर कहानी

प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में, चाहे वह विद्यार्थी हों, काम काजी व्यक्ति हो या घर पर ही रहने वाली आम गृहणी हों समयनिष्ठता का स्थान सर्वोपरि है|समयनिष्ठता अर्थात समय का पाबंद होना| यदि आप दिया गया काम तय समय सीमा में पूरा करते हैं तो इसका अर्थ है कि आप समय के पाबंद हैं| समय के पाबंद व्यक्ति की हर स्थान पर प्रशंसा होती है| समय निष्ठ व्यक्ति जीवन में सफल और प्रसिद्ध होते हैं| कोई व्यक्ति कितना भी ज्ञानी क्यों ना हो यदि उसे समय की कद्र नहीं तो ज्ञान धरा का धरा रह जाता है|

वक़्त के महत्व पर शोर्ट कहानी

Samay ka Sadupyog Story in Hindi

मान लीजिए आपने परीक्षा की बहुत बढ़िया तैयारी की है लेकिन यदि समय से परीक्षा कक्ष तक नहीं पहुंचे तो ऐसी पढ़ाई का क्या तात्पर्य?  आप बहुत अच्छे डॉक्टर हैं लेकिन समय से अगर हॉस्पिटल ना पहुँच सके तो मरीज की तो मौत हो जायेगी |  आप बहुत बढ़िया कुक हैं लेकिन बारात के पहुँचने तक खाना नहीं बना पाये तो क्या आपके गुण की कोई कीमत होगी??  अतः जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय का पाबंद होना बहुत ही जरूरी है|

समय के पाबंद बनने में आलस्य और सुस्ती दो बड़े शत्रु हैं| अतः यदि आप समय निष्ठ बन कर एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी बनना चाहते हैं तो सबसे पहले किसी भी कार्य को करने के लिए आप योजना बनाइये| योजनाबद्ध तरीके से आलस्य और सुस्ती को पीछे छोड़ते हुए आप अनुमान लगाइए कि अमुक कार्य को पूरा करने में कितना समय लगेगा| इस अनुमानित समय पर आप कार्य करना प्रारम्भ करेंगे तो निश्चित ही समय पर पूरा कर सकेंगे| समय की महत्ता को कहानी के माध्यम से समझते हैं|

समय पर छोटी कहानी – Best Stories About Value of Time in Hindi

रमेश पढ़ने में बहुत होशियार था| इंजीनियरिंग की डिग्री उसने अच्छे अंको के साथ हासिल की| बचपन से ही उसका सपना था कि पिताजी की कम्पनी में ही वो भी नौकरी करे| बहुत प्रयत्न किए लेकिन नौकरी पाने में नाकाम रहा| एक दिन पिताजी ने बताया कि कंपनी में एक व्यक्ति के लिए स्थान रिक्त हुआ है मैनेजर से बात भी कर ली है कल 10 बजे उसको इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है|

रमेश ने इंटरव्यू की पूरी तैयारी की लेकिन वो दस बजे नहीं पहुँच सका| 10:30 पर वह कम्पनी पहुँचा तो पता चला कि किसी और को उस पद के लिए चुन लिया गया है| रमेश को बहुत दुख हुआ| कुछ देर बाद वो मैनेजर से मिलने पहुँच गया| उसने गुस्से और दुख के साथ कहा पापा ने तो कहा आप मेरा इंटरव्यू लेंगे लेकिन आपने तो पहले ही किसी और को चुन लिया! मैनेजर साहब ने कहा, इंटरव्यू तो मै तुम्हारा ले सकता था लेकिन तुम्हें 10 बजे का समय दिया गया था और तुम समय से नहीं पहुंच सके|जब तुम अपने समय की कीमत नहीं समझ रहे तो कल कम्पनी के समय की क्या कीमत समझोगे ?? जिस कैंडिडेट को चुना गया है वह समय से पहुँच गया था और सभी अनिवार्य योग्यता रखता था तो कोई तुम्हारा इंतज़ार क्यों करेगा??

अगर जीवन में कुछ करना चाहते हो तो अपने और दूसरों के समय की कद्र करना सीखो रमेश को बहुत बड़ा सबक मिला था| कुछ मिनटों ने उसका जीवन बदल कर रख दिया था| पूरा जोश, उत्साह दुख और तकलीफ में बदल गया था| इसलिए समयनिष्‍ट बनिये और आखिरी समय पर होने वाली जल्दबाजी से बचे रहिए| खुशहाल जीवन जीने के लिए हर व्यक्ति को समय की कीमत पता होनी चाहिए|जो लोग समय की कद्र करते हैं, समय उनकी कद्र करता है|

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तो दोस्तों ये थी एक छोटी सी समय पर आधारित कहानी. समय के सदुपयोग पर इस कहानी से हमें यही प्रेरणा मिलती है कि ज़िन्दगी में समय का बहुत महत्व है. इसलिए हमेशा समय की कद्र करे और अपना हर काम ठीक समय पर करे.

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