ये है भारत की सबसे प्यारी और पढ़ी लिखी ट्रक ड्राइवर की हिंदी कहानी

योगिता रघुवंशी पिछले 15 सालो से ट्रक चला कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही है. जब मुझे योगिता जी के बारे में ज़्यादा जानने को मिला तो मैं हैरान रह गया. आप दंग रह जाएंगे जान कर कि ये महिला ट्रक ड्राइवर ने वकालत भी कर रखी है लेकिन किसी वजह से इन्हे ट्रक चला कर अपना गुज़ारा करना पड़ा. आईये जानते है योगिता रघुवंशी उर्फ़ महिला ट्रक ड्राइवर की ये अनोखी कहानी.

महिला ट्रक ड्राइवर

योगिता की शादी जिस व्यक्ति से हुई थी उसने झूठ बताया था कि वो एक अच्छी कंपनी में नौकरी करता है. लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी. योगिता के पति ने उससे बहुत कुछ छुपा रखा था. दरअसल योगिता का पति एक ट्रक ड्राइवर था और शादी के 1 साल तक उसने ये बात छुपाये रखी. जब योगिता को इस बात का पता चला तो उसे बहुत दुःख हुआ लेकिन शादी तोड़ने की बजाये उसने इस स्थिति से कोम्प्रोमाईज़ कर लिया क्यूंकि उस समय तलाक बहुत बड़ी बात होती थी.

शादी के 4 साल बाद योगिता के पति की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी और परिवार का सारा बोझ अब उसके कंधो पर आ गया. योगिता के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो अकेले अपने बच्चो को पढ़ा लिखा सके. एक समय तो उसने वकील के पास प्रैक्टिस करने की भी सोची लेकिन वो पैसे इतने कम देते थे कि परिवार का गुज़ारा बहुत मुश्किल था.

इसलिए योगिता ने ट्रक ड्राइवर बनने की सोची सिर्फ इसलिए क्यूंकि इसमें वो तुरंत पैसे कमा सकती थी. योगिता वैसे तो उत्तर प्रदेश से है लेकिन वो महाराष्ट्र के नंदरबार में ही पली बड़ी. कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद योगिता ने वकालत भी जल्द ही पास कर ली और उसके माता पिता ने भोपाल के एक व्यक्ति से उसकी शादी करवा दी. उस व्यक्ति ने झूठ बोलकर योगिता से शादी कर ली जिस वजह से इनके रिश्ते में कड़वाहट पैदा हो गयी थी.

जब योगिता ने ट्रक चलाना शुरू किया था तो लोग उसे घूरते थे और तरह-तरह की टिप्पणियां भी करते थे लेकिन समय के साथ योगिता ने इस लाइन में अपने पैर जमा लिए. चूँकि योगिता पढ़ी लिखी है, इन्हे हिंदी के इलावा अंग्रेजी, तेलुगु, मराठी और गुजरती भाषा भी काफी अच्छे से बोलनी आती है. इन्होने भारत के करीबन सभी शहरों में ट्रक चलाया है और अब तक ये 6 लाख किलोमीटर से भी ज़्यादा ट्रक चला चुकी है.

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योगिता रघुवंशी का ये भी कहना है कि चाहे दिन हो या रात, उन्हें भारत में ट्रक चलाते हुए कभी डर नहीं लगा. वो बताती है कि अब तो उन्हें कई मर्द ट्रक ड्राइवर भी जानने लगे है जो उन्हें बहन मानते है और कई ढाबो पर योगिता का खुले दिल से स्वागत भी किया जाता है.

हम ऐसी निडर और सशक्त महिला ट्रक ड्राइवर को दिल से सलाम करते है और आशा करते है कि इन्हे ज़िन्दगी में अपनी मंजिल जल्द मिले.

धन्यवाद  

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