डायपर की वजह से बच्चे को मिली दर्दनाक मौत – Sad Real Life Story in Hindi

Real Life Story in Hindi Submitted by Dheeraj Sharma

जब मैंने ये dukh bhari story सुनी तो मेरे पैरो तले ज़मीन खिसक गयी और मेरा दिल एक बार फिर इंसानियत पर बहुत ज़्यादा रोया.

 

ये जो बच्चे की तस्वीर आप देख रहे हो, ये सिर्फ 4 महीने का था जब इसे दर्दनाक मौत मिली.

Real Life Story in Hindi

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मुझे ये किस्सा सुन गुस्सा और दया दोनों आयी.

 

क्या आप जानते है है इस बच्चे की मौत का कारन : इसकी मौत की वजह है डायपर (diaper) ना बदलना।

 

आपको ये जान कर बहुत ज़्यादा गुस्सा आएगा कि इसके माँ बाप ने 14 दिन तक इसका डायपर नहीं बदला सिर्फ इसलिए क्यूंकि वो इसकी गन्दी बदबू सेहन नहीं करना चाहते थे. जी हाँ ऐसे भी माँ बाप इस कलयुगी दुनिया में है जो कि अपने खुद के बच्चे के डायपर तक नहीं बदल सकते.

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क्या बच्चा डायपर ना बदलने की वजह से मर सकता है?

 

जी हाँ, कोई भी बच्चा डायपर ना बदलने की वजह से मर सकता है. अगर उसका डायपर नियमित तरीके से ना बदला जाए तो इन्फेक्शन के कारण बच्चे की मौत भी हो सकती है.

 

इस बच्चे के माँ बाप ने शौच की बदबू के डर के कारण इसका डायपर 14 दिन तक नहीं बदला. बच्चे को चादर में ओढ़ कर रखा था और कई दिन तक बच्चा शौच और पेशाब अपने डायपर में ही करता रहा जिसकी वजह से उसे इन्फेक्शन हो गया और वो बहुत ही दर्दनाक मौत मरा.

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क्या आपको पता है ये बच्चा कैसे मरा ?

 

ये 4 महीने का बच्चा बहुत ही धीमी और दर्दनाक मौत का शिकार हुआ.

 

जब इस बच्चे के ऊपर से चादर हटाई तो उसमे कई कीड़े निकले जिन्होंने इस बच्चे के शरीर को धीरे धीरे खाया था. इस बच्चे की त्वचा इतनी खराब हो चुकी थी कि कोई भी आम इंसान देखकर उलटी कर देता.

 

इस बच्चे का वजन महज़ 500 ग्राम रह गया था और उसकी कई हड्डियां दिखाई दे रही थी.

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इस बच्चे के पेरेंट्स (parents) को माँ बाप की उपाधि देना बिलकुल गलत है क्यूंकि वे इस लायक ही नहीं.

 

ऐसे लोग माँ बाप बनने के काबिल ही नहीं और इन्हे सख्त से सख्त सजा ज़रूर मिलनी चाहिए। दरअसल इन्हे भी अपने ही मॉल में सड़ने की सजा देनी चाहिए ताकि इन्हे एहसास हो कि इन्होने उस 4 महीने के मासूम के साथ क्या किया.

 

ये सब लिखते हुए मेरी आँखों से आंसू झलक रहे है क्यूंकि ये मासूम बच्चा ज़िन्दगी जीने का हकदार था लेकिन इसके माँ बाप ने इससे इसकी ज़िन्दगी चीन ली और वो भी सिर्फ इसलिए कि उन्हें डायपर ना बदलना पड़े. ऐसे लोग यकीनन माँ बाप बनने के काबिल नहीं.

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मेरी सिर्फ आप लोगों से यही विनती है कि बच्चे को एक दिन से ज़्यादा डायपर में ना रखे. वैसे तो नवजात बच्चे को डायपर पहनाना नहीं चाहिए लेकिन अगर आपने पहनानाना ही है तो कम से कम हर रोज़ बदलिए ज़रूर। किसी भी बच्चे को दर्द में देखना बहुत दर्दनाक होता है।

 

धन्यवाद

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2 Responses

  1. Falendra mehra says:

    Bahot achha story thi isse bahot achhi seekh milti ki achhe or bure din sabke ate hain.

  2. Naresh pal kashyap says:

    Jamai ristedari main ek bachhi ki maut dipar na badlne se hui thi .bachhe ki ma ne 3 din tak dipar nahi badla tha jiski bajah se bachha maut ko prap ho gaya

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