पीले चावल – बहुत ही फनी कहानी घर में एक घटना पर आधारित

हमें यकीन है कि इस फनी कहानी को पढने के बाद आपका चेहरा खिल उठेगा. ये कॉमेडी कहानी एक घर की घटना पर आधारित है. हो सकता है कि आप में से कई लोगों के साथ ये घटना कभी घर पर हुई हो. तो आईये पढ़ते है इस फनी स्टोरी को.

पीले चावल – फनी कहानी

सोमेश की बहन की शादी थी, घर खचाखच रिश्तेदारों से भरा पड़ा था। हँसी खुशी का माहौल था। विदाई का समय नजदीक आता देख सोमेश ने मां से कहा कि बहन के गहने ले आयें ताकि विदाई के समय बहन को दिये जा सकें। लेकिन गहनों का बक्सा गायब था। माँ ने हर सम्भव जगह तलाश किया लेकिन गहने नहीं मिले। धीरे धीरे बात पूरे घर घर में फैल गई। रात में जब केवल करीबी रिश्तेदार ही घर में थे ऐसे में घर से गहने कैसे गायब हो सकते हैं । सोमेश इसी दुविधा में था। पुलिस बुलाना सोमेश को ठीक नही लग रहा था क्यूंकि रिश्तेदारी की बात थी।

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सोमेश को अचानक एक युक्ति सूझी। वो घर से यह कहकर निकल गया कि वो एक तांत्रिक के पास जा रहा है, अब वहीं से कोई उपाय पूछ कर आएगा। सोमेश घर से निकलने के दो घंटे बाद,  एक मुट्ठी हल्दी लगे चावल के साथ घर लौटा। सभी लोग बेहद गंभीर थे। सोमेश को देखकर घर में सन्नाटा सा पसर गया, हर कोई जानना चाहता था कि आखिर तांत्रिक ने क्या बताया!

पीले चावल फनी कहानी

सोमेश ने सभी रिश्तेदारों को वो चावल दिखाते हुए कहा कि “यह चावल विशेष तंत्र विद्या द्वारा मंत्र फूके गए है, तांत्रिक ने बताया है कि वे लोग जो रात में घर पर उपस्थित थे सभी को दो दो दाने चावल के, बिना चबाये निगलने हैं। जिसने भी चोरी की होगी, चावल खाने के एक घंटे के अन्दर उसको खून की उल्टियाँ होने लगेंगी, हो सकता है कि जान भी चली जाये। इसलिए मैं अभी भी आप सबसे गुजारिश करता हूं कि जिसने भी गहने लिये हैं वो चुपचाप वापस कर दे। मैं कुछ नहीं करूँगा ना ही पुलिस को बुलाउँगा। लेकिन चावल खाने के बाद जो भी होगा उसका जिम्मेदार मै नही होऊंगा।

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सभी के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था। सोमेश ने चावल सबको देना शूरू किया कि तभी एक दूर के रिश्तेदार चक्कर खा कर गिर पड़े। उनको पानी के छींटे मारकर होश में लाया गया। उसके बाद जैसे ही उनके हाथ में चावल रखे वो डर से काँपने लगे। हाथ जोड़ कर बोले मुझे माँफ कर दो मैने ही अलमारी से गहने चुराये हैं, और पीछे की जमीन में गाड़ दिए हैं। लेकिन मैं मरना नहीं चाहता। मेरे बच्चे अनाथ हो जाएँगे… भगवान के लिए मुझे जाने दो।

सोमेश ने उनको गहने लेकर जाने दिया। उनके जाने के बाद सभी लोग तांत्रिक के दिये चावल की तारीफ करने लगे। इतना सुनकर सोमेश जोर जोर से हँसने लगा। सभी लोग सोमेश को हँसता देख हैरान थे। सोमेश हँसते हँसते बताने लगा, “मैं किसी तांत्रिक के पास नहीं गया था, ना ही ये चावल किसी तंत्र विधा से पढ़े हुए हैं, ये तो मैंने बाहर वाली दुकान से पाँच रुपए के खरीदे हैं।

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सभी लोग अभी भी हैरान थे! सोमेश ने कहा कि मै जानता था सिर्फ डर ही वो चीज़ है जिससे मैं अपने चुराये हुए गहने वापिस ले सकता था। पुलिस भी आती तो कभी पता न लगा पाती कि चोरी किसने की! इसलिए मैंने ये सारा नाटक रचा। पूरी कहानी सुनने के बाद अब किसी की भी हँसी नहीं रुक रही थी। घर में फिर से हँसी खुशी का माहौल बन गया था।

दोसोत आपको ये फनी कहानी कैसी लगी, हमें कमेंट के ज़रिये ज़रूर बताये.

Vineet

नमस्ते। मुझे नयी कहानियां लिखना और सुनना अच्छा लगता है. मैं भीड़-भाड़ से दूर एक शांत शहर धर्मशाला (H.P) में रहता हूँ जहाँ मुझे हर रोज़ नयी कहानियां देखने को मिलती है. बस उन्ही कहानियों को मैं आपके समक्ष रख देता हूँ. आप भी इस वेबसाइट से जुड़ कर अपनी कहानी पब्लिश कर सकते है. Like us on Facebook.

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3 Responses

  1. Dhananajay singh says:

    Very good

  2. Ajay Tailor says:

    Good ……….ha ha ha ha ha ha ha ha ha h a ha ha ha ha ha ha

  3. navin says:

    jhakash ha ha ha

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