बच्चो में साहस भरने के लिए एक कहानी – Bravery Story in Hindi

एक कछुआ एक शिप में था और अचानक से वह शिप डूब जाती है. कछुआ पानी में तैरते हुए चारो तरफ देखता है कि बर्फ के पहाड़ और बहुत ही ठंडा पानी है. पानी इतना ठंडा होता है कि वह थार थार कांपने लगता है. कछुआ अपनी गर्दन थोड़ा ऊंची करके देखता है कि कुछ दूरी पर एक टापू (Island) है जहाँ कि उसके रहने और खाने का इंतज़ाम हो सकता है. लेकिन पानी इतना ठंडा होता है कि तैरना बहुत मुश्किल लगता है. फिर भी कछुआ साहस के साथ उस टापू की तरफ बढ़ता रहता है. कुछ दूर जाने पर वो देखता है कि एक बड़ा सा राक्षस पानी में तैर रहा है. वो बहुत डर जाता है. आस पास देखता है कि कई जीव जंतु भी मरे पड़े है जिससे कि कछुआ और ज़्यादा दर जाता है.

अब कछुए के सामने सिर्फ दो विकल्प बचते है – या तो वापिस चला जाए या फिर साहस के साथ उस राक्षस की तरफ बढ़कर उसका सामना करे और टापू पर चला जाए. कछुआ सोचता है कि अगर वह वापिस जाएगा तो ठन्डे पानी की वजह से मर जाएगा इसलिए उसने आगे बढ़ने की सोची और चल दिया राक्षस और टापू की तरफ. कुछ देर तैरने के बाद कछुआ देखता है कि जिसे वह राक्षस समझ रहा था, दरअसल वह तो सिर्फ पत्थर की एक चट्टान है जिसमे से हवा टकराकर काफी डरावनी ध्वनि निकल रही थी. कछुआ बहुत खुश होता है और तेज़ी से टापू की तरफ चल देता है.

 

किनारे पर पहुँच कर कछुआ देखता है कि टापू बहुत ही सुन्दर जहाँ उसे रहने और खाने को भरपूर मिलेगा. कछुआ फिर सोचता है कि अगर वह भी डर कर पीछे चला जाता तो मर जाता जैसे कि बाकी जानवर मारे गए. वे सब डर की वजह से मारे गए और अगर वे भी थोड़ा साहस कर लेते तो आज जीवित होते।

 

Moral of the Story

चाहे कैसी भी परिस्थिति हो, हमें कभी साहस और धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए. अगर तुम कोई भी काम साहस के साथ करोगे तो सफलता अवश्य मिलेगी.

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