“मेरा स्टॉप आ गया क्या?” मजेदार छोटी कहानी बस में हुई एक घटना पर आधारित

ये छोटी Story बस में हुई एक घटना पर आधारित है. इस कहानी को अंत तक पढने के बाद आप अपनी हंसी रोक नहीं पाओगे. तो आईये पढ़ते है ये interesting hindi story।

A Short Funny Story in Hindi

एक बार एक बूढ़ी महिला बस में सवार हुई। बस कानपुर से बनारस की ओर जा रही थी। बूढ़ी महिला भी बस में एक सीट पर जाकर बैठ गई। बस का कंडक्टर बड़ा ही भला आदमी था। महिलाओं, और बुजुर्गों की बहुत इज्जत करता था। माँ जी को बस में देख कर उसने सोचा इतनी बुजुर्ग महिला हैं इनसे क्या टिकिट लेना, अतः वो माँ जी के पास टिकट बनाने भी नहीं आया।

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बस अभी कुछ ही दूर चली होगी कि कंडक्टर की नजर माँ जी पर गई । माँ जी बड़ी परेशान सी दिख रही थी। बार बार वो खिड़की का शीशा खोलती, दायें बाए देखती, फिर शीशा बंद कर लेती। कई बार जब उसने माँ जी को ऐसा करते देखा तो पास जाकर कहा “माँ जी कोई दिक्कत है क्या?” माँ जी ने कहा बेटा वो क्या कहते हैं कि… मै नाम भूल गई…. अरे! हाँ इलाहाबाद आया…. इतना सुनते ही कंडक्टर बोला अच्छा मैं समझ गया। आप निश्चिंत रहिए माँ जी, इलाहाबाद आते ही मै आपको बता दूँगा, आप बिल्कुल परेशान ना हों।

बहुत छोटी कहानी बस में हुई घटना

कंडक्टर की बात सुनकर माँजी को इत्मीनान हो गया, फिर भी दो तीन बार उन्होने कंडक्टर को बुला बुला कर पूछा कि इलाहाबाद आया कि नहीं? थोड़ी देर बाद माँ जी की आँख लग गई। कंडक्टर भी अपने काम में व्यस्त हो गया। किसी भी सवारी को इलाहाबाद नहीं उतरना था इसलिए कंडक्टर भी काम में व्यस्त होकर भूल गया कि माँ जी को इलाहाबाद उतरना था। जब तक कंडक्टर को याद आया बस काफी आगे निकल चुकी थी।

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कंडक्टर को बहुत पछतावा हुआ। उसने जाकर ड्राइवर से विनती की कि माँ जी बूढ़ी औरत हैं, इतनी गर्मी में कहाँ धक्के खाती रहेंगी बस को वापस घुमा लो ताकि माँ जी को उनके स्टॉप पर उतारा जा सके। कंडक्टर के बार बार विनती करने पर, यात्रियों के रोष के बावजूद भी ड्राइवर ने बस वापस घुमा ली। थोड़ी देर बाद इलाहाबाद आ गया। इलाहाबाद पहुँच कर कंडक्टर ने माँ जी को जगाकर कहा “माँ जी उठिये, इलाहाबाद आ गया!

कंडक्टर की बात सुनकर माँ जी ने कहा अच्छा बेटा, मेरी बेटी ने कहा था कि इलाहाबाद आ जाये तो दवा खा लेना! शुक्रिया बेटा याद दिलाने के लिए! कंडक्टर बेचारा मुँह लटकाये खड़ा था और आस पास के लोग कंडक्टर की मूर्खता पर ठहाके लगा रहे थे। कंडक्टर ने कहा तो आपको इलाहाबाद नहीं उतरना था क्या? माँ जी बोली मैंने कब कहा मुझे इलाहाबाद उतरना है, मै तो बनारस जा रही हूँ। तुमने मेरी पूरी बात सुनी ही नहीं मै तो बोल रही थी कि इलाहाबाद आ जाये तो बता देना, ताकि मैं दवा खा लूँ।

हमें यकीन है कि आपको ये फनी और छोटी कहानी अच्छी लगी होगी।

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हेलो दोस्तों आपके पास भी कोई कहानी हो और उसे पब्लिश करना चाहते हैं तो हमें मेल. हम उसे जल्द ही पब्लिश करेंगे.

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5 Responses

  1. Mr. Vardhman singh rao says:

    Kya baat hai …….

  2. sandeep raghuwanshi says:

    its reyally funny

  3. Rajinder Singh says:

    Heard this story before which is set in pre-partition Punjab.

  4. Tk💖 says:

    😊😊😊

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