बांझपन की कहानी – एक बच्चा भी ना दे पायी, इनफर्टिलिटी स्टोरी

बांझपन की कहानी Submitted by Kiran Desai

हम लड़किया बचपन से ही एक धरना बना लेती है कि बड़े होकर हमारी शादी होगी और फिर बच्चे और फिर हमारा जीवन ख़ुशी ख़ुशी बीतेगा. लेकिन ज़िन्दगी हर कदम पर कोई ना कोई नया संघर्ष देती है जिसकी वजह से हम टूट जाते है. मुझे बचपन से ही शादी और खुद के बच्चे का बहुत शौक था.

 

24 साल की उम्र में मेरी शादी हो गयी थी लेकिन शादी के एक साल बाद भी जब मुझे बच्चा नहीं हुआ तो सब ताने मरने लगे. किसी को लगता था कि मैं और मेरे पति अभी बच्चा नहीं चाहते और किसी को लगता था कि मैं बाँझ हूँ. मैं और मेरे पति ने 5 साल तक बहुत कोशिश की लेकिन हमारा बच्चा नहीं हो पाया. ये एहसास बहुत डरावना होता है. समाज, परिवार और रिश्तेदार तरह तरह के सवाल करते है और ये सब मुझे अंदर ही अंदर बहुत परेशान करता है.

बांझपन की कहानी

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मुझे हैरानी होती है कि मर्द से कोई नहीं पूछता कि बच्चा क्यों नहीं हो रहा, सब सवाल औरत से ही किये जाते है, खासकर हमारे देश इंडिया में. ऐसे सवाल दिल में सुई की तरह चुभते है क्यूंकि मैं जानती थी कि शायद पूरी ज़िन्दगी मेरा बच्चा नहीं हो पायेगा. मुझे ज़िन्दगी का कड़वा सच हज़म करना था, कड़वा सच कि मैं “बाँझ” हूँ.

 

मैंने अपने पति को कई बार कहा कि तुम भी एक बार अपना टेस्ट करवा कर देख लो लेकिन वो कोई ना कोई बहाना बना देते थे. उन्हें लगता था कि आदमी में कभी कोई कमी नहीं होती, साड़ी कमियां तो औरत में होती है.

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जब किसी को पता हो कि वह माँ नहीं बन सकती तो हर समय ऐसा लगता है जैसे कोई बीमारी हो. चाहे कोई भी परिस्थिति हो, ऐसा एहसास होता है कि ज़िन्दगी में किसी चीज़ की कमी है. जब मैं दूसरे लोगों को देखती थी तो सोचती थी कि भगवान् ने मेरे साथ ही ये नाइंसाफी क्यों की. कई लोगों के तो गलती से भी बच्चे हो जाते है लेकिन इतनी जिद्दो जेहत के बाद भी मेरा बच्चा क्यों नहीं हो रहा. मुझे लगता है कि ज़िन्दगी में माँ बनना सबसे बड़ा सुख है और ये सोच हर वक़्त मेरे साथ रहती है. हर समय मैं यही सोचती हू कि काश कोई चमत्कार हो जाए और मैं माँ बन जाऊ.

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बच्चा पैदा ना कर सकने की वजह से मेरी सेहत तो बिगड़ ही रही है साथ ही मुझे मानसिक पीड़ा भी घेरे हुए है. यही नहीं, मैं और मेरे पति कई तरह के infertility clinic भी जाते है जहाँ हमारा बहुत पैसा भी खर्च होता है. एक उम्मीद है कि शायद किसी डॉक्टर के पास मेरे बांझपन का इलाज हो.

 

अब मेरी शादी को 8 साल होने को आये है और बच्चे की तमन्ना आज भी मेरे दिल में है. मैं और मेरे पति कहने को घूमने जाते है, खाना कहते है और खुश दिखने की कोशिश करते है लेकिन बच्चे का खालीपन कही ना कही हमें आज भी खलता है. हमें कई लोगों ने बच्चा अडॉप्ट करने को भी कहा लेकिन मैं अभी तैयार नहीं हूँ. मैं अभी 32 साल की हू और चाहती हू कि 2 साल तक और इंतज़ार करू फिर शायद हम बच्चा अडॉप्ट करने के बारे में सोचेंगे.

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आज भी जब मैं बैठी सोचती हू तो दिल में यही ख़याल आता है कि काश कोई चमत्कार हो जाए और मेरी सूनी गोद भर जाए.

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1 Response

  1. Royal says:

    Contact me apko bacha ho jayega ji ladka ladki jo bhi ho

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