जीरो से हीरो की कहानी – Zero to Hero Success Story in Hindi

Zero to Hero Success Story in Hindi Submitted by Amit Singh

Zero to Hero Success Story in Hindi

Hi Friends, ye hai meri Zero to Hero Story in Hindi. I hope that you will like it. Main apni ye जीरो से हीरो की कहानी sirf isliye sabke saamne rakhna chahta hu taki dusre log bhi meri is story se inspiration le sake.

 

1995 से 2013 तक

मेरा नाम अमित सिंह है और मैं दिल्ली में रहता हूँ. जब मैं 3 साल का था तो मेरे पिता जी का देहांत हो गया था और उसके बाद हमारे घर की आर्थिक हालत बहुत खराब हो गयी थी. मेरी माँ सिर्फ छठी तक पढ़ी थी इसलिए उन्हें कोई अच्छा काम नहीं मिला. मजबूरन माँ ने कपडे सिलाई का काम शुरू कर दिया. 2009 तक मैं, मेरी माँ और मेरी छोटी बहिन महज़ 5000 रुपये में अपने घर का गुज़ारा चलाते थे. बहुत मुश्किल से घर गुज़ारा चलता था, किसी दिन तो घर में खाने को कुछ भी नहीं होता था.

 

Zero to Hero Success Story in Hindi

 

माँ ने मेरे लिए बहुत कुर्बानिया दी है. बचपन में मैंने कभी दूरदर्शन के इलावा कोई और चैनल नहीं देखा क्यूंकि केबल के लिए हमारे पास पैसे ही नहीं थे. मेरी माँ के पास एक बहुत पुराना नोकिआ का फ़ोन था, मैंने 2012 तक कभी स्मार्टफोन चला कर नहीं देखा था.

 

अगर मुझे सफर करना हो तो मैं DTC बस में ही सफर करता था. कभी कभी तो बस के किराये के पैसे भी नहीं होते थे मेरे पास, उस वक़्त मुझे चल कर जाना पड़ता था.

Zero to Hero Success Story in Hindi

 

किसी तरह मैंने अपनी ग्रेजुएशन पूरी की, मुझे उम्मीद थी कि शायद मैं अपने परिवार की आर्थिक हालत ठीक कर सकू. जब मैं कॉलेज में था तो एक बहुत ही अमीर बाप की बेटी ने मुझे प्रोपोज़ किया था लेकिन मैंने मना कर दिया क्यूंकि मेरा लक्ष्य था पैसा कमाना और वो भी बिना अपना आत्म सम्मान खोये. उस वक़्त मैं सिर्फ अपनी पढाई और करियर पर ध्यान देना चाहता था. वो मेरी ज़िन्दगी का सबसे मुश्किल फैसला था.

 

Zero to Hero Success Story in Hindi

 

2013 to Present

 

कॉलेज से पढाई ख़त्म करते ही मैंने एक छोटी सी कंपनी में नौकरी कर ली. 1 साल वह नौकरी करने के बाद जब मैं दूसरी कंपनी में गया तो मुझे दोगुनी तनख्वाह मिल गयी. उस वक़्त मुझे एहसास हो गया था कि मैं धीरे धीरे अपने लक्ष्य के करीब आ रहा हु.

 

अब मैं एक बड़ी कंपनी में नौकरी करता हू और मेरी सालाना तनख्वाह 1.5 करोड़ है. अगले कुछ सालो में मेरा लक्ष्य है कि इससे दोगुनी तनख्वाह हासिल करना. आज मेरे पास सब कुछ है, गाडी, महंगा फ़ोन आदि. मैं  सिलसिले से कई शहरों और देशो में जाता रहता हू और ज़्यादातर मैं हवाई ज़हाज़ में सफर करता हूँ. अगले कुछ सालो में अपना खुद का घर भी खरीदने वाला हूँ.

 

Zero to Hero Success Story in Hindi

 

मैंने अपना पूरा बचपन गरीबी में निकाल दिया और मुझे मेरे बचपन से यही सीख मिली है कि कभी हार नहीं माननी चाहिए. गरीबी में जब मुझे अपने रिश्तेदारों की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी तब उन्होंने मेरा साथ छोड़ दिया और अब मैं भी उन्हें भूल चूका हूँ.

 

मुझे अपनी ज़िन्दगी से यही सीखने को मिला है मेहनत कभी ना कभी रंग लाती है. परिस्थितियां चाहे जैसी भी हो, चलते रहो, कभी रुको मत.

 

Agar aapko meri ye zero to hero story in Hindi acchi lagi to comment me zarur bataye.

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3 Responses

  1. Rohit says:

    Great Story, aapne bahut hi ache tareeke se present kiya.

  2. Ashu Gautam says:

    Very good story learning by life , life always give new opportunities to achieve big success

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